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And the Beautiful journey begins here!

This is the post excerpt.

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This is my very first post on wordpress. Writing has become part of life in such a way that now I can’t imagine life without it. Ro pen down my thoughts has became a necessity at the end of the day as like it’s my bestei and I’m providing flavors to it by joining different platforms. I wish myself luck, to shine like sun and make the beautiful world look more beautiful.

-SomeoneLikeYou

post

तुम्हारी मुहब्बत के फूल…🌹

मेरे महबूब…
उम्र की रहगुज़र में
हर क़दम पर मिले
तुम्हारी मुहब्बत के फूल…

अहसास की शिद्दत से दहकते
जैसे सुर्ख़ गुलाब के फूल…

उम्र की तपती दोपहरी में
घनी ठंडी छांव से
जैसे पीले अमलतास के फूल…

आंखों में इन्द्रधनुषी सपने संजोये
गोरी हथेलियों पर सजे
जैसे ख़ुशरंग मेहंदी के फूल…

दूधिया चांदनी रात में
ख़्वाहिशों के बिस्तर पर बिछे
जैसे महकते बेला के फूल…

मेरे महबूब
मुझे हर क़दम पर मिले
तुम्हारी मुहब्बत के फूल…
तुम्हारी मुहब्बत के फूल…

-Someone Like You

-Anonymous

Photo Credit: Sanjeev Kumar

वो सूखे फूल🌹

यह वही सूखे हुए फूल हैं जो मेरा हाथ पकड़कर मुझे यादों के शहर में खींच ले जाते हैं…. यादों के शहर की उन गलियों में जहां कभी तुम मुझसे कहा करते थे— सुनो मुझे तुमसे मोहब्बत हुई है यह 1 दिन का असर नहीं; हफ्तों तुम्हें निहारा है, महीनों इंतजार किया है तुम्हें सुनने के लिए, बरसों कट गए तुम से बात करने के लिए और तुम्हें यह सब बस एक पल की कहानी लगती है।
याद है 🤔मुझे तुम्हारे साथ साथ चलते-चलते जब मैं थक जाती थी और इस जिद में बोलती थी ‘अब मैं नहीं जा रही हूं कहीं’, तुम कहते थे- भक पगली कहीं की। जिंदगी कितनी खूबसूरत हुआ करती थी ना, छोटे-छोटे पलों में; तुम छोटी-छोटी बातों पर वक्त बेवक्त वजह-बेवजह मुझसे लड़ते रहते थे और बनाते रहते थे। सॉरी बोलना तो जैसे तुम्हें आता ही नहीं था; सड़ा सा मुँह बनाकर घूमा करते थे। मेरे अलावा दुनियाभर को पता होता को पता होता था कि तुम परेशान हो और रीजन मैं हूं पर कभी सामने से आकर की नहीं कहते थे। याद है जब हमने अच्छी वाली लड़ाई की थी कट्टर वाली….. हां हां वही वाली जब मैं फेमिनिज्म का नारा बुलंद करती थी और तुम ठहरे ठेठ पुरुषवादी….. किसी तरह दंगा होते-होते बचा था……😆😆😆😂😂😂 और सुनो तुम्हें वो टाइम याद है 🤔सारे कॉलेज के सामने एक बेकार से मुद्दे पर किसी और से मेरे लिए लड़ाई कर ली थी,,,

हा हा हा😂😂😂😂😂😂 कितना मसाला दिया था तुमने पॉलिटिक्स करने वालों को….. और उसके बाद जो मैं तुम्हारा हाथ पकड़कर तुम्हें कैंटीन तक ले गई, तब तो ऐसे लगा जैसे नरेंद्र मोदी ने बिना वीजा के अमेरिका जाने का प्लान बना लिया और विपक्ष को इस बात की खबर लग गई गई हो। तुम भी ना कैसे हुआ करते थे। हां हां जानती हूं जानती हूं; तुम भी यही कहोगे कि तुम भी तो पगली हुआ करती थी, पागलों की तरह इधर-उधर ऊपर नीचे सारा दिन भागती रहती थी। सच में बेहद खूबसूरत हैं ये यादें, सारी जिंदगी जो जिंदगी को महकाती रहेंगी। जब भी याद आएंगी अपने पीछे एक हल्की सी मुस्कुराहट छोड़ जाएंगी। और यादों के बादल आंखों से बरस जाया करेंगे।

Just keep showing up…..!!💕💕

“मैं तो यहीं हूं मैं जहां थी,😁
ना एक कदम हिली हूं, ना किसी और से मिली हूं….
ना कोशिश है Movein की; ना इरादा है Moveout का…..😊
तुम ही हो जो न जाने कहां गायब हो?
तुम ही हो जो हो ही नहीं।”
कभी-कभी ऐसा नहीं लगता…… कि आप लगातार कुछ कहे जा रहे हैं, पर अगले को सुनाई ही नहीं देता।

आप निभाए जा रहे हैं; पर सामने वाला निभने को भी तैयार नहीं…….
फिर क्या कीजिए🤔🤔🤔
“मायूस हो जाएं?
तन्हाई से दोस्ती कर लें?
समझौता कर ले असलियत के साथ? ”

ना जी ना कभी नहीं…..Reality is Overrated!!
“हम तो तन्हा भी नवाबों की तरह रहेंगे😊 और साथ भी सूफियाना निभाएंगे”
…..अपना तो सीधा मानना है जो भी करो Larger than life करो वरना करो ही मत….. उसका क्या फायदा
.
.
.
.
चलिए बात करते हैं साथ की;
” साथ निभाने की ज़िद हो अगर…..तो निभाओ यार As simple as that, confusion कहां है?
उसमें फिर अगर-मगर if-but किंतु-परंतु…. वह सब नहीं चलेगा।”

साथ भी निभाना है, और तकलीफ भी नहीं सहनी।
गम उठाने नहीं, पर खुशी की जिद लिए निकल पड़े हैं खुली सड़क पर अपना सीना ताने!!!
लाइफ कोई बुफे हैं क्या??
कि प्लेट ली और जो पसंद आया वही उठा लिया….

इतना convenient भी नहीं होगा ना जी😎😎😎

#justkeepshowingup

कभी कह कर देखो कि- आप जाओ जहां भी जाना है जाओ;
जितना बोलना है बोलो पर मुझे तो यहीं पाओगे जहां अभी हूं!! कभी भी आवाज़ दोगे तो पाओगे कि मैं तो बस एक सूत की दूरी पर ही हूं हमेशा।💕💕💕💕

रंग रिश्तों के…..

सुनिए आपके होली के रंग उतर गए क्या😋😋…… उतर ही गए होंगे😎😎…और रिश्तो के😍😍😍….. नहीं ना; कुछ रंग उतरते ही नहीं है ना……. some of them really get under the skin…don’t they??🙆🙆👩‍❤️‍👨 अजीब इत्तेफाक कि सिलसिला में रेखा का नाम #चांदनी था एक ऐसा नाम जो सिर्फ #श्रीदेवी के साथ ही एसोसिएट कर पाते पाते हैं हम और सिलसिला में ही वो डायलॉग क्या था 🤔🤔संजीव कुमार और रेखा के बीच “रंग बरसे” के बाद…… हां याद आया कुछ ऐसा था शायद……🤠🤠

” ओहो यह रंग तो उतर ही नहीं रहा….”🌹🌹
“कुछ रंग पक्के होते हैं चांदनी…..
चांदनी हर आदमी का एक अतीत होता है मेरा भी है तुम्हारा भी हो सकता है…. और अगर होगा भी तो मैं पूछूंगा नहीं…..
चांदनी अतीत का एक मीठी याद बनकर रह जाना ही अच्छा है….. क्योंकि अतीत जब आज में शामिल हो जाता है तो अपने साथ-साथ किसी और की जिंदगी भी बर्बाद कर देता है…..”

हम भारतीयों में यह बहुत नॉर्मल बात है कि फॉर्मल कॉर्पोरेट बिजनेस रूम में सूट🤵 पहनकर जो इंसान एक स्क्रीन पर फॉर्मल कॉर्पोरेट प्रेजेंटेशन प्रोजेक्ट कर रहा है उसका लेफ्ट कान पिंक🤦 हो और नाखून लाल और हरे का कॉम्बिनेशन🤷🤷….. हमारे यहां होली👪👪 के बाद ऑफिस में यह दिखना बिल्कुल नॉर्मल बात है, जैसे कि पीटर इंग्लैंड🕺🕺🕺🕺 की शर्ट के नीचे वह बाबा👳 वाला काला धागा दिखना…. या नवरात्रों के बाद👁️👁️ हाथों की कलाई में शर्ट के बीच से वह लाल लाल मौली का दिखना या फिर मीटिंग🏃🏃🏃🏃 के बीच से किसी का यूं ही बिना कुछ कहे चुपचाप निकल जाना क्योंकि नमाज👐👐 का वक्त हो चला है।
जैसे कि फॉर्मल सूट🕺🕴️🕴️🕺🕺 के साथ बंदे के हाथ पर एक मोटा सोने का कड़ा; हमारी उंगलियों पर ज्योतिषी की दी हुई खास 💍अंगूठी; बाजू पर बंधा हुआ पीर बाबा का 📿📿धागा; वेस्टर्न स्कर्ट 👚-टी-शर्ट के साथ हाथों में भारी भरकम शादी का चूड़ा;
यह सब हमारे लिए तो आम है पर जब हम एमएनसी के लिए या उनके साथ काम करते हैं तो बड़ी दिक्कत हो जाती है क्योंकि हमारे लिए तो यह खुशी😋😍 है पर वह तो पर्सनल और प्रोफेशनल को बिल्कुल अलग साइलोस में रखते हैं ना। और तो और बेचारे काफी कंफ्यूज तब हो जाते हैं जब इन सब खुशियों के रंग लीक करके आपस में मिलने लगते है।😂😂😂
पर गहने हों या गुलाल, रीति रिवाज हों या जज्बात हम तो सारा कुछ साथ मिलाकर चलते हैं……#हमतोऐसेहीहैंभइया।

Saumya Tripathi

Her path….

Life is not what we think of it, Who said life is going to be an easy game…..do you enjoy anything that’s easy???
Isn’t it boring???

She is also a very common soul in the unique crowd. She is the peaceful soul who lives her life to the fullest. Her burning passion, her deep desire, to reach the top of the summit of life, view nature from a new vantage point, seeing cities, farms, nature, beauty, peace, love, war, hate, mankind, creatures, large to small and everything in between, to reach the top of life, the path was rugged from the start though large and inviting, with mild twists and turns, then swiftly changing, becoming narrower and narrower, now she realized why she’d waited, to travel this alone, tiring but not tiring out she continued onward, upward which ever way, even if she must backtrack, she would continue no matter what the path brought her, she must proceed, to meet her destiny, it’s called her astronomical amounts of times, every time she passed, her name blowing constantly in the winds, drifting blowing on fresh the blossoms,swirling in the woods, surrounding her life, in lush nature and the wastelands, it was beauty to her ears that something of such grander would know her, seek her out of all the people who have ever passed, stumbling constantly bruised with nature urging her return to the low lands literally throwing roadblocks in front of her, first the heat of the day, the clouds of darkness, the dropped temperature with a pelting rains, thunderous roars and flashing lightening , it was much like her life the more she wanted something, the more obstacles occurred, life had more zealous, making her stronger, diligent will, that empowered her, with courage thus she could not quit, the closer she got the further it appeared, driving her on to the LIGHT, it appears only when ready to admit defeat, now she knew this was her path…

Life is always beautiful

I’m!

I live Daily, I die daily
I’m just a desire
.
I admire daily, I hate daily
I’m who conspire
.
I win openly, I loose secretly
I’m the daily crier
.
I worship daily, I forget daily
I’m the best from entire
.
I’m the start, I’m the end
but daily I enquire
.
I created for self, I hide from self
I’m my #Most #Harmful #Liar

Choose your Career wisely, without losing life!!

Career.
The mere mention of the word brings chills of quivered confusion and wonder, all
at once.
The growth from teenagehood to adolescence is already difficult and mired with
battles of turmoil and melancholy associated with the stage that is. Not only the
blind dependence on parents and elders are encouraged to be slackened but
also a certain form of independence is advocated. This independence comes at a
price. And that is, one is encouraged to find one’s own path that is to mean; a
direction, a way – a career which will pay for economic independence and other
securities, perks, and benefits.
But preparing one for a career has its own set of uniqueness. You have your
degree and in tandem, you try to opt for a career that is best suited for you. If you
have a degree in English honours, your natural inclination takes you to the path
of academic or research studies, and if science, then a doctor and alike. But here
we are not about discussing what takes it to be a what but sometimes why it is
necessary to understand and accept why it doesn’t take it to be a what at times.
Not all jobs you apply to will accept you. Not all jobs that accept you will interest
you. Not all jobs that will interest you initially will continue to do so. And you will
sit and wonder. The wonder will turn into bitterness and the bitterness into anger
and regret. And at the end of it all, you will consider yourself a total failure. Is that
all that life has had to offer? Or could it have been different if you wanted? You
think of all those career advice of people asking you to fill up your resume with
shiny accomplishments. And your utter shock at lack of creativity and
independence in your choice of an option that just turned out to be a white-collar
work environment where every day for you is doing what other dictates. You
have just become an automated machine.
Warren Buffet says, “Taking jobs to build up your resume is like saving up sex for
old age.”
If you think you are not the ones to be satisfied with being an unnoticed speck in
a cubicle, you have this reading especially curated for you.Have you even wondered really hard and honestly. I mean, really really hard.
“Why am I doing whatever I am up at?”
If that question never bothered you, then you are probably happy being a puppet
under someone else’s. If you are indeed bothered and spent sleepless nights
thinking about with all consuming fire about it, you are surely destined for
greatness.
Because, if you know where and what you are looking for you will surely find it,
sooner or later. And because you have been looking for it, thinking about it,
dreaming about it, you are going to be an expert at it. Don’t worry about the mess
you were in prior that. Don’t regret the job you have been at which gave you
nothing to learn.
Don’t wait for the life to give you lemons. When you realize that you are going to
be stuck at something without your interest and will, squeeze out of it.
Yes, indeed.
You deserve to get out of any place that you don’t belong to.
But how do you you find which places you belong to? For that, you have to ask a
lot of retrospections and a load of self-piercing questions. About strength. About
values. Passion. Love. Aim. Yes, Life is not easy when it is about career but it is
never difficult if you have the right attitude and the right framework. Life never
goes wrong, the only career does.
It is not only important to think of things we want but of their worth. Whether our
desires and whims must only cater to monetary and financial success or we must
also think in humane terms about human love and bonding, care and affection.
Life is not difficult if you have your perspectives in their right stead. And a right
direction is always achieved only after careful and critical observation and study
of I, me, myself against the world.
Have a journal. MUST. Write down things you want and ways how they can be
achieved. Honest ways. Possible-dreams only. Don’t aim for dreams that don’t
have logical meaning. And also write about people that inspire you and their
qualities you want to emulate. And work for it. Really, work for it. For nothing
comes for free. Now, you might ask, many work hard, only a few reach their goal.
That has to do with the attitude towards your work, your chosen career. If you are
doing it because others wanted it for you more than you do, if you are at it
because you want to prove yourself, if you are refusing to let it go because it
makes your life very comfortable, then something is wrong in your attitude
towards life, your career. And you are never going to be great at what you do,
maybe good will be your pinnacle. Dreams come for free. Actions don’t.
Opportunities sometimes. Achievements never. So, it is very important to have
the right attitude, horne it perfect for making a living out of life.

It is important to know how to identify things that are worthy. And keep identifying
them and collecting them as means of experience until your rich haul comes
back at you with the full force of gleaming positivity that whatever you do will
surely be successful. Perfect. Unique. One’s potential is made up of the right
experiences. And right doesn’t always mean good experiences. Even the bad
ones are equally important to teach certain aspects of life that nothing will. It
helps one to mature and grow up into an understanding individual who has by
his/her side the powerful means of reflections, cautiousness, past-lessons, and
warnings of failures. A perfect life is made up of the failures accumulated during
steeping stones which become powerful means of learning lessons and if you
have the right means of identifying the “life-lessons” out of it, you will surely be
blessed.
Doing difficult things and pushing one’s boundary is what most think is not their
cup of tea. The truth is, they are plain lazy. And this evil vice has made them lie
and lie in a dormant inactive underachieved life. They either give up in the middle
of it or never start in the first place.
“Everything was impossible until somebody did it.”

-SomeoneLikeYou