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And the Beautiful journey begins here!

This is the post excerpt.

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This is my very first post on wordpress. Writing has become part of life in such a way that now I can’t imagine life without it. Ro pen down my thoughts has became a necessity at the end of the day as like it’s my bestei and I’m providing flavors to it by joining different platforms. I wish myself luck, to shine like sun and make the beautiful world look more beautiful.

-SomeoneLikeYou

post

बारिश उस मौसम की…..💓

आज बारिश को करीब से देखा तो वो लड़की याद आयी……🤔

जो फुदकने लगती थी फुहार आते ही,😍😋

जो बारिश की बूंदों को चेहरे पर महसूस करती, बाहें फैलाकर स्वागत करती बारिश⛈️⛈️ का; जैसे कोई प्यारी सखी👩‍❤️‍💋‍👩 हो आयी,

जिसने सारा बचपन बस ये सोचा कि बारिश की बूंदे🌦️🌦️ सीधे मुंह में क्यों नहीं आती? इंद्रधनुष🌦️🌈 सिर्फ हल्की बारिश☔️ में ही क्यों आते हैं?

जो मौसम🌨️के आते ही नाव🛥️बनाने में जुट जाती थी,

आज 👼पकौड़ी का सामान जुटाने लगी है, कपड़ों👕👖💦 को भीगने से बचाने लगी है, अचार के डिब्बे 🥛🥛सजाने लगी है, बच्चों को जीना सिखाने 😊👧👨‍👩‍👦‍👦लगी है।

वह लड़की जो मां🤓😎 से जबरदस्ती करती थी, आज बिटिया🤰👨‍👩‍👧 को तेल लगाने लगी है।

वो जो बहती थी अल्हड़ हवाओं💃 के जैसे, आज सागर में सरिता👰 समाने लगी है।

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वो जो कल तक लड़की🤷 थी………

आज औरत👰💁 कहलाने लगी है🙏🙏🙏

Soulful

तुम्हारी मुहब्बत के फूल…🌹

मेरे महबूब…
उम्र की रहगुज़र में
हर क़दम पर मिले
तुम्हारी मुहब्बत के फूल…

अहसास की शिद्दत से दहकते
जैसे सुर्ख़ गुलाब के फूल…

उम्र की तपती दोपहरी में
घनी ठंडी छांव से
जैसे पीले अमलतास के फूल…

आंखों में इन्द्रधनुषी सपने संजोये
गोरी हथेलियों पर सजे
जैसे ख़ुशरंग मेहंदी के फूल…

दूधिया चांदनी रात में
ख़्वाहिशों के बिस्तर पर बिछे
जैसे महकते बेला के फूल…

मेरे महबूब
मुझे हर क़दम पर मिले
तुम्हारी मुहब्बत के फूल…
तुम्हारी मुहब्बत के फूल…

-Someone Like You

-Anonymous

Photo Credit: Sanjeev Kumar

वो सूखे फूल🌹

यह वही सूखे हुए फूल हैं जो मेरा हाथ पकड़कर मुझे यादों के शहर में खींच ले जाते हैं…. यादों के शहर की उन गलियों में जहां कभी तुम मुझसे कहा करते थे— सुनो मुझे तुमसे मोहब्बत हुई है यह 1 दिन का असर नहीं; हफ्तों तुम्हें निहारा है, महीनों इंतजार किया है तुम्हें सुनने के लिए, बरसों कट गए तुम से बात करने के लिए और तुम्हें यह सब बस एक पल की कहानी लगती है।
याद है 🤔मुझे तुम्हारे साथ साथ चलते-चलते जब मैं थक जाती थी और इस जिद में बोलती थी ‘अब मैं नहीं जा रही हूं कहीं’, तुम कहते थे- भक पगली कहीं की। जिंदगी कितनी खूबसूरत हुआ करती थी ना, छोटे-छोटे पलों में; तुम छोटी-छोटी बातों पर वक्त बेवक्त वजह-बेवजह मुझसे लड़ते रहते थे और बनाते रहते थे। सॉरी बोलना तो जैसे तुम्हें आता ही नहीं था; सड़ा सा मुँह बनाकर घूमा करते थे। मेरे अलावा दुनियाभर को पता होता को पता होता था कि तुम परेशान हो और रीजन मैं हूं पर कभी सामने से आकर की नहीं कहते थे। याद है जब हमने अच्छी वाली लड़ाई की थी कट्टर वाली….. हां हां वही वाली जब मैं फेमिनिज्म का नारा बुलंद करती थी और तुम ठहरे ठेठ पुरुषवादी….. किसी तरह दंगा होते-होते बचा था……😆😆😆😂😂😂 और सुनो तुम्हें वो टाइम याद है 🤔सारे कॉलेज के सामने एक बेकार से मुद्दे पर किसी और से मेरे लिए लड़ाई कर ली थी,,,

हा हा हा😂😂😂😂😂😂 कितना मसाला दिया था तुमने पॉलिटिक्स करने वालों को….. और उसके बाद जो मैं तुम्हारा हाथ पकड़कर तुम्हें कैंटीन तक ले गई, तब तो ऐसे लगा जैसे नरेंद्र मोदी ने बिना वीजा के अमेरिका जाने का प्लान बना लिया और विपक्ष को इस बात की खबर लग गई गई हो। तुम भी ना कैसे हुआ करते थे। हां हां जानती हूं जानती हूं; तुम भी यही कहोगे कि तुम भी तो पगली हुआ करती थी, पागलों की तरह इधर-उधर ऊपर नीचे सारा दिन भागती रहती थी। सच में बेहद खूबसूरत हैं ये यादें, सारी जिंदगी जो जिंदगी को महकाती रहेंगी। जब भी याद आएंगी अपने पीछे एक हल्की सी मुस्कुराहट छोड़ जाएंगी। और यादों के बादल आंखों से बरस जाया करेंगे।

Just keep showing up…..!!💕💕

“मैं तो यहीं हूं मैं जहां थी,😁
ना एक कदम हिली हूं, ना किसी और से मिली हूं….
ना कोशिश है Movein की; ना इरादा है Moveout का…..😊
तुम ही हो जो न जाने कहां गायब हो?
तुम ही हो जो हो ही नहीं।”
कभी-कभी ऐसा नहीं लगता…… कि आप लगातार कुछ कहे जा रहे हैं, पर अगले को सुनाई ही नहीं देता।

आप निभाए जा रहे हैं; पर सामने वाला निभने को भी तैयार नहीं…….
फिर क्या कीजिए🤔🤔🤔
“मायूस हो जाएं?
तन्हाई से दोस्ती कर लें?
समझौता कर ले असलियत के साथ? ”

ना जी ना कभी नहीं…..Reality is Overrated!!
“हम तो तन्हा भी नवाबों की तरह रहेंगे😊 और साथ भी सूफियाना निभाएंगे”
…..अपना तो सीधा मानना है जो भी करो Larger than life करो वरना करो ही मत….. उसका क्या फायदा
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चलिए बात करते हैं साथ की;
” साथ निभाने की ज़िद हो अगर…..तो निभाओ यार As simple as that, confusion कहां है?
उसमें फिर अगर-मगर if-but किंतु-परंतु…. वह सब नहीं चलेगा।”

साथ भी निभाना है, और तकलीफ भी नहीं सहनी।
गम उठाने नहीं, पर खुशी की जिद लिए निकल पड़े हैं खुली सड़क पर अपना सीना ताने!!!
लाइफ कोई बुफे हैं क्या??
कि प्लेट ली और जो पसंद आया वही उठा लिया….

इतना convenient भी नहीं होगा ना जी😎😎😎

#justkeepshowingup

कभी कह कर देखो कि- आप जाओ जहां भी जाना है जाओ;
जितना बोलना है बोलो पर मुझे तो यहीं पाओगे जहां अभी हूं!! कभी भी आवाज़ दोगे तो पाओगे कि मैं तो बस एक सूत की दूरी पर ही हूं हमेशा।💕💕💕💕

रंग रिश्तों के…..

सुनिए आपके होली के रंग उतर गए क्या😋😋…… उतर ही गए होंगे😎😎…और रिश्तो के😍😍😍….. नहीं ना; कुछ रंग उतरते ही नहीं है ना……. some of them really get under the skin…don’t they??🙆🙆👩‍❤️‍👨 अजीब इत्तेफाक कि सिलसिला में रेखा का नाम #चांदनी था एक ऐसा नाम जो सिर्फ #श्रीदेवी के साथ ही एसोसिएट कर पाते पाते हैं हम और सिलसिला में ही वो डायलॉग क्या था 🤔🤔संजीव कुमार और रेखा के बीच “रंग बरसे” के बाद…… हां याद आया कुछ ऐसा था शायद……🤠🤠

” ओहो यह रंग तो उतर ही नहीं रहा….”🌹🌹
“कुछ रंग पक्के होते हैं चांदनी…..
चांदनी हर आदमी का एक अतीत होता है मेरा भी है तुम्हारा भी हो सकता है…. और अगर होगा भी तो मैं पूछूंगा नहीं…..
चांदनी अतीत का एक मीठी याद बनकर रह जाना ही अच्छा है….. क्योंकि अतीत जब आज में शामिल हो जाता है तो अपने साथ-साथ किसी और की जिंदगी भी बर्बाद कर देता है…..”

हम भारतीयों में यह बहुत नॉर्मल बात है कि फॉर्मल कॉर्पोरेट बिजनेस रूम में सूट🤵 पहनकर जो इंसान एक स्क्रीन पर फॉर्मल कॉर्पोरेट प्रेजेंटेशन प्रोजेक्ट कर रहा है उसका लेफ्ट कान पिंक🤦 हो और नाखून लाल और हरे का कॉम्बिनेशन🤷🤷….. हमारे यहां होली👪👪 के बाद ऑफिस में यह दिखना बिल्कुल नॉर्मल बात है, जैसे कि पीटर इंग्लैंड🕺🕺🕺🕺 की शर्ट के नीचे वह बाबा👳 वाला काला धागा दिखना…. या नवरात्रों के बाद👁️👁️ हाथों की कलाई में शर्ट के बीच से वह लाल लाल मौली का दिखना या फिर मीटिंग🏃🏃🏃🏃 के बीच से किसी का यूं ही बिना कुछ कहे चुपचाप निकल जाना क्योंकि नमाज👐👐 का वक्त हो चला है।
जैसे कि फॉर्मल सूट🕺🕴️🕴️🕺🕺 के साथ बंदे के हाथ पर एक मोटा सोने का कड़ा; हमारी उंगलियों पर ज्योतिषी की दी हुई खास 💍अंगूठी; बाजू पर बंधा हुआ पीर बाबा का 📿📿धागा; वेस्टर्न स्कर्ट 👚-टी-शर्ट के साथ हाथों में भारी भरकम शादी का चूड़ा;
यह सब हमारे लिए तो आम है पर जब हम एमएनसी के लिए या उनके साथ काम करते हैं तो बड़ी दिक्कत हो जाती है क्योंकि हमारे लिए तो यह खुशी😋😍 है पर वह तो पर्सनल और प्रोफेशनल को बिल्कुल अलग साइलोस में रखते हैं ना। और तो और बेचारे काफी कंफ्यूज तब हो जाते हैं जब इन सब खुशियों के रंग लीक करके आपस में मिलने लगते है।😂😂😂
पर गहने हों या गुलाल, रीति रिवाज हों या जज्बात हम तो सारा कुछ साथ मिलाकर चलते हैं……#हमतोऐसेहीहैंभइया।

Saumya Tripathi

Her path….

Life is not what we think of it, Who said life is going to be an easy game…..do you enjoy anything that’s easy???
Isn’t it boring???

She is also a very common soul in the unique crowd. She is the peaceful soul who lives her life to the fullest. Her burning passion, her deep desire, to reach the top of the summit of life, view nature from a new vantage point, seeing cities, farms, nature, beauty, peace, love, war, hate, mankind, creatures, large to small and everything in between, to reach the top of life, the path was rugged from the start though large and inviting, with mild twists and turns, then swiftly changing, becoming narrower and narrower, now she realized why she’d waited, to travel this alone, tiring but not tiring out she continued onward, upward which ever way, even if she must backtrack, she would continue no matter what the path brought her, she must proceed, to meet her destiny, it’s called her astronomical amounts of times, every time she passed, her name blowing constantly in the winds, drifting blowing on fresh the blossoms,swirling in the woods, surrounding her life, in lush nature and the wastelands, it was beauty to her ears that something of such grander would know her, seek her out of all the people who have ever passed, stumbling constantly bruised with nature urging her return to the low lands literally throwing roadblocks in front of her, first the heat of the day, the clouds of darkness, the dropped temperature with a pelting rains, thunderous roars and flashing lightening , it was much like her life the more she wanted something, the more obstacles occurred, life had more zealous, making her stronger, diligent will, that empowered her, with courage thus she could not quit, the closer she got the further it appeared, driving her on to the LIGHT, it appears only when ready to admit defeat, now she knew this was her path…

Life is always beautiful

I’m!

I live Daily, I die daily
I’m just a desire
.
I admire daily, I hate daily
I’m who conspire
.
I win openly, I loose secretly
I’m the daily crier
.
I worship daily, I forget daily
I’m the best from entire
.
I’m the start, I’m the end
but daily I enquire
.
I created for self, I hide from self
I’m my #Most #Harmful #Liar